छत्तीसगढ़ .राज्य गौसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज मनोहर लाल सत्संग भवन, रानी रोड, चांपा में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में सम्मिलित हुए आयोजक परिवार के द्वारा उनका अत्यंत ही आत्मियता पूर्वक स्वागत किया गया। इस अवसर पर राजेश्री महन्त जी महाराज ने व्यास पीठ की पूजा अर्चना की, व्यास पीठ पर विराजित पंडित दिनेश दुबे जी महाराज ने भी शाल, श्रीफल, पुष्प माला से महन्त जी महाराज का स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रोताओं को अपना आशीर्वचन प्रदान करते हुए राजेश्री महन्त जी महाराज ने कहा कि- देवांगन परिवार के द्वारा श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन अपने परिवार के दिवंगत दिव्यात्माओं के मोक्षार्थ किया गया है। यह चिरंतन सत्य है कि इस संसार में जन्म लेने वाले का मरना और करने वाले का पुनः जन्म लेना शाश्वत सत्य है, भगवान श्रीकृष्ण चन्द्र जी ने श्रीमद् भागवत गीता में अर्जुन को माध्यम बनाकर हम सभी के लिए कहा है कि- *जातस्य ही ध्रुवो मृत्यु ध्रुवं जन्म मृतस्य च।।* उन्होंने आगे कहा कि – *मृत्यु को प्राप्त हुए परिजन के विषय में ज्यादा चिंता नहीं करनी चाहिए बल्कि उनके मुक्ति का उपाय अवश्य ही करना चाहिए।* ऐसा ही कार्य आप सभी के द्वारा किया जा रहा है जो प्रशंसनीय है। व्यास पीठ पर विराजित दुबे जी महाराज ने कहा कि- परम पूज्य राजेश्री महन्त जी महाराज न केवल छत्तीसगढ़ में अपितु भारत वर्ष में एकमात्र महात्मा है जिन्हें राजेश्री की उपाधि अपने पूर्वाचार्यों के वंश परंपरा में प्राप्त हुआ है इसका उपयोग केवल श्री दूधाधारी मठ के महन्त जी ही कर सकते हैं। हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि उनका दर्शन प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर विशेष रूप से मनोज मित्तल, शशि भूषण सोनी, अनिल सोनी, वृंदा लाल दुबे, अजय कुमार सोनी, डॉ रमाकांत सोनी, कृष्ण कुमार देवांगन, राजेंद्र जायसवाल, पुरुषोत्तम विश्वकर्मा, कार्यक्रम के आयोजक नंद कुमार देवांगन, श्रीमती संतोषी देवांगन एवं उनके परिवार के सभी सदस्य, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव तथा श्रोता गण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

