छत्तीसगढ़ मानसून ने बदली चाल, कहीं झमाझम वर्षा तो कहीं इंतजार

 मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में कम वर्षा वाले उत्तरी और दक्षिणी जिलों में मानसन गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, राज्य के मैदानी इलाकों में मानसून मेहरबान है, जहां पर जमकर बारिश हो रही है।

छत्तीसगढ़ में अब तक 658.1 प्रतिशत बारिश हुई है। ऐसे में मानसून का मिजाज मिला-जुला दिख रहा है। एक जून से 11 अगस्त 2026 की स्थिति में प्रदेश औसतन 658.1 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि की दस वर्षों की औसत बारिश (658.5 मिमी) के लिहाज से 99.9% है। आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ का मानसून संतुलन पटरी पर दौड़ रहा है, हालांकि जिलों की बात करें तो तस्वीर अलग दिख रही है। मानसून ने अपनी चाल बदल दी है। ऐसे में कहीं झमाझम, तो कहीं बारिश का इंतजार करना पड़ रहा है। 

मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में कम वर्षा वाले उत्तरी और दक्षिणी जिलों में मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, राज्य के मैदानी इलाकों में मानसून मेहरबान है, जहां पर जमकर बारिश हो रही है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला से सबसे ज्यादा 189.8% (947.3 मिमी) बारिश हुई है, जो पूरे प्रदेश में नंबर वन पर है। वहीं महासमुंद (140.7%), नारायणपुर (128.0%), रायपुर (126.7%), बलौदाबाजार (124.7%) और बलरामपुर (124.0%) जिलों में भी वर्षा का आंकड़ा सामान्य से आगे है। जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, सक्ती, बालोद, मुंगेली, बिलासपुर, दुर्ग, धमतरी और राजनांदगांव में भी अब तक अच्छी बारिश हुई है।

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