बिलासपुर @khabarwala.news। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा देश भर में सरदार पटेल की जन्म जयंती के अवसर पर आयोजित रन फार यूनिटी यानी एकता की दौड़ में बिलासपुर में फूट का नजारा देखने को मिला। बीजेपी के दो वरिष्ठ नेता केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के साथ अग्रिम पंक्ति में चलने के लिए सबके सामने आपस में भीड़ गए। माहौल खराब होते देख पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने हस्ताक्षेप दोनों को शांत कराया।तब जाकर यह दौड़ पूरी हो सकी। बिलासपुर शहर में मंगलवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म जयंती के अवसर पर रन फार यूनिटी यानी एकता की दौड़ का आयोजन किया गया था। दौड़ में शामिल होने बिलासपुर के संसद और केंद्रीय मंत्री तोखन साहू भी पहुंचे थे। यह दौड़ तिफरा काली मंदिर से जैसे ही शुरू हुई हुई , विधायक सुशांत शुक्ला सांसद श्री साहू के साथ पहली पंक्ति में चलने लगे तो उन्हें भाजपा की प्रदेश महामंत्री हर्षिता पांडे ने रोक दिया । इसके बाद माहौल पूरी तरह गरमा गया । दोनों नेताओं के बीच सरे राह जमकर बहस शुरू हो गई। सुशांत शुक्ला दहाड़ रहे थे कि विधायक होने के नाते सांसद के साथ पहली पंक्ति में चलना उनका अधिकार है। उन्हें कोई नहीं रोक सकता वे यही चलेंगे। इसपर भाजपा महामंत्री हर्षिता पांडे बिफर गई। तय प्रोटोकाल का हवाला देकर उन्हें फटकारने लगी। बहस को बढ़ता देख वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक ने हस्ताक्षेप कर मामला शांत करने की कोशिश की लेकिन विवाद इतना बढ़ गया कि केंद्रीय मंत्री तोखन साहु को बीच में आकर सुशांत शुक्ला को अपनी बाई और जगह देनी पड़ी इसके बाद माहौल ठंडा हुआ लेकिन नेताओं के बीच की तकरार यात्रा के दौरान भी जारी रही है।
पार्टी की किरकिरी
सांसद के सामने विधायक और महिला नेत्री के बीच हुए इस टकराव को शहर के लोग देखते रहें।देखते ही देखते वहां बड़ी भीड़ जमा हो गई। लोग इस टकराव को लेकर तरह तरह की चर्चा करते रहे। इसके चलते पार्टी की किरकिरी होती रही। लोग सवाल कर रहे थे कि आयोजन संगठन की एकता दिखाने के लिए था या बिखराव दिखाने के लिए। टेंशन में बदल गए इस नजारे को पूरा शहर चलता हुआ देख रहा था।
देखिए वीडियो

