Weather alert: 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी पछुआ हवाएं…हरियाणा-पंजाब किसानों के लिए मौसम अलर्ट…

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नई दिल्ली: फरवरी के महीने में ही उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी का एहसास होने लगा है, लेकिन तेज हवाओं के चलते मौसम शुष्क बना हुआ है। वहीं, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली समुद्री हवाओं की वजह से राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। दूसरी ओर, पूर्वोत्तर राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण तेज बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर भारत में मौसम का हाल

मौसम विभाग के मुताबिक, 18 फरवरी तक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में सक्रिय हो सकता है, जिससे मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पछुआ हवाएं 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। इसके अलावा, 16 फरवरी के बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों में सक्रिय होगा, जिससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। साथ ही पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में हल्की बारिश के आसार हैं।

दिल्ली में मौसम का पूर्वानुमान

दिल्ली में शुक्रवार को दिनभर धूप खिली रही, जहां न्यूनतम तापमान 10.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री कम रहा। शनिवार (15 फरवरी) को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है। फिलहाल बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है, लेकिन 18 फरवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आंशिक रूप से बादल छाने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर प्रदेश में 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन और रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 19 फरवरी को हल्की बारिश हो सकती है। बिहार में पछुआ हवाओं के कारण मौसम शुष्क बना हुआ है और न्यूनतम तापमान 12-13 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। वहीं, राजस्थान में तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें बाड़मेर का अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस रहा। 17 से 20 फरवरी के बीच पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

 

हरियाणा-पंजाब के किसानों के लिए मौसम अलर्ट

हरियाणा और पंजाब में तेज हवाओं के चलते किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों ने गेहूं की फसल की सिंचाई रोकने की सलाह दी है, क्योंकि हवाओं के कारण पानी जल्दी सूख सकता है। 18 फरवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे बादलों के छाने और बारिश की संभावना बढ़ जाएगी।

 

जम्मू-कश्मीर में शीतलहर और बर्फबारी का अलर्ट

जम्मू-कश्मीर में शीतलहर का प्रभाव जारी है, जहां बर्फबारी और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 20 फरवरी तक पश्चिमी विक्षोभ के कारण पूरे राज्य में बादल छाए रह सकते हैं और तापमान माइनस में दर्ज किया जा सकता है। पहलगाम में तापमान माइनस 5 डिग्री, श्रीनगर में माइनस 4 डिग्री और कुपवाड़ा में माइनस 4 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल गर्मी का असर ज्यादा रहेगा, जिससे मार्च में तापमान तेजी से बढ़ सकता है।

 

 

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