बिलासपुर स्थित 100 साल पुराने मिशन हॉस्पिटल परिसर से विस्थापितों ने बुधवार को नगर निगम और जिला प्रशासन के द्वारा की गई तोड़फोड़ के विरोध में जमकर बवाल किया। निगम प्रशासन ने निवासरत 32 परिवारों को मंगलवार को दूसरे जगह शिफ्ट कर दिया था। बुधवार को तीन विस्थापित सुप्रीम कोर्ट से स्टे ले आए। यह स्टे दिखाकर वे परिसर में घुसने की कोशिश करने लगे। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में जमकर धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान कुछ लोगों ने निगम अमले पर अपशब्द कहने का आरोप लगाया।
उल्लेखनीय है की मंगलवार सुबह 5:00 बजे निगम ने तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की जो रात भर चली। आज दूसरे दिन बुधवार को जैसे ही यह कार्रवाई शुरू हुई इतने में बाहर खड़े उत्तेजित लोग कोर्ट से स्टे का हवाला दे विरोध जताया और दीवार फान्दकर कंपाउंड के अंदर घुस गए । इसकी सूचना मिलने पर सीएसपी निमितेश सिंह दलबल के साथ पहुंचे फिर कुछ देर बाद एसडीम तहसीलदार और निगम कमिश्नर भी मौके पर पहुंचे और फिर पुलिस की मदद से हंगामा कर रहे लोगों को बाहर खदेड़ा गया। उसके बाद भी परिसर के बाहर काफी देर तक हंगामा होता रहा, जिससे रोड में जाम की स्थिति निर्मित हो गई ।
वीडियो के आधार पर मिला स्टे
विस्थापितों का आरोप है कि निगम और जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई बगैर पूर्व सूचना दिए की है। सुबह 5 बजे से जिस तरह डंडे के जोर पर लोगों को उनके घरों से खदेड़ा गया उसकी वीडियो बनाकर कुछ लोग मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट चले गए। निगम और जिला प्रशासन के अमले की अभद्रता, गालीगलौच और बर्बरता को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें स्थगन दे दिया। लेकिन निगम और जिला प्रशासन ने इसे मानने से इनकार कर दिया। अब वे कोर्ट की अवमानना का केस दायर करेंगे।
चोरी शुरू

मिशन परिसर बिल्डिंग में तोड़फोड़ कार्रवाई के दौरान कबाड़ चोर गेग भी तैयार नजर आए एक गाड़ी में कार्टून पुटठा तो दूसरी गाड़ी में टूटी हुई बिल्डिंग से निकले गए टीना राड और अन्य सामान ले जाने की शिकायत वहां के निवासियों ने की।
देखिए वीडियो

