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अंबिकापुर, 22 मई 2023 : रघुनाथपर निवासी प्रतिमा तिवारी ने सीतापुर एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल व कमलेश्वरपुर थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह पर बिना वारंट के जबरन रात में घर में घुसकर गाली-गलौज करते हुए अवैधानिक रूप से गिरफ्तार कर सखी वन स्टॉफ सेंटर में बंदी बनाकर रखे जाने का आरोप लगाई है। पीडि़ता ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया है कि
मेरे पति के बहकावे में आकर ग्राम नर्मदापुर का नईहर साय एवं सुनीता माझी द्वारा मेरे विरुद्ध थाना कमलेश्वरपुर में बिना समुचित जांच किये धारा 363 का अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। उक्त अपराध में सीतापुर एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल व कमलेश्वरपुर थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह द्वारा मेरे घर(मायका) राजपुर जिला बलरामपुर स्थित घर में बिना वारण्ट एवं बिना पुलिस गणवेश के जबरन घुसकर प्रार्थिया एवं उसके परिजनों के साथ अभद्र एवं अश्लील व्यवहार किया गया तथा मेरे द्वारा सर्च वारण्ट के संबंध में पूछा गया तो अनावेदकगण द्वारा कहा गया कि अगर तुम हमे अपने घर में नहीं घुसने दोगी तो मैं डीएसपी हूँ तुम्हारे घर पर बुल्डोजर चलवा दूंगा कहते हुए अश्लील गाली-गलौज करते हुए जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया तथा अनावेदक दुसरी गाड़ी में बैठ गया। अनावेदक द्वारा रास्ते में आवेदिका को उसके साथ हमबिस्तर होने का प्रस्ताव दिया तथा कहा गया कि यदि आवेदिका अनावेदक की बात मान लेती है तो आवेदिका के विरुद्ध दर्ज अपराध को खारिजी करा देगा और यदि आवेदिका बात नहीं मानेगी तो उसके विरुद्ध कई गैर जमानतीय धाराएं झुठा लगवा देगा तथा जिन्दगी भर जेल में सड़वा देगा। आवेदिका ने जब अनावेदक की बात नहीं मानी तो अनावेदक द्वारा आवेदिका के साथ हाथ-बांह पकड़ते हुए छेड़छाड़ करने की कोशिस भी की गई। आवेदिका विरोध करती रही और अनावेदक अश्लील हरकतें करता रहा रात्री 12.6 मीनट पर अनावेदकगण आवेदिका को दर्रीपारा अम्बिकापुर स्थित सखी वन स्टॉप सेन्टर में बकायदा रजिस्टर में एन्ट्री करते हुए आवेदिका को सखी वन स्टॉप सेन्टर दर्रीपारा में रखवा दिया गया। अगली सुबह सखी वन स्टॉप सेन्टर की प्रशासक द्वारा पुलिस को आवेदिका को जमानतीय अपराध में रात को गिरफ्तार कर सखी वन स्टॉप सेन्टर लाने का कारण पूछा गया तो पुलिस वाले कुछ सही जवाब नहीं दे सके, और कहने लगे कि अभी थोड़ी देर में आवेदिका को छोड़ देंगे कहते हुए दिन भर सखी वन स्टॉप सेन्टर में रखकर प्रताडि़त किया गया तथा अंधेरा होने के पश्चात् आवेदिका को छोड़ा गया। आवेदिका के छुटने के पश्चात् से लेकर अभी तक अनावेदक द्वारा आवेदिका की बहन पुजा शर्मा को फोन कर अनावेदक के विरुद्ध कोई शिकायत एवं मिडिया के समक्ष कोई भी बयान नहीं देने के संबंध में दबाव बनाया जा रहा है तथा यह भी कहा जा रहा है कि वह पुलिस का बहुत बड़ा अधिकारी है आवेदिका उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती बल्कि अनावेदक अब आवेदिका के विरुद्ध कई गैर जमानतीय झुठा अपराध दर्ज करा देगा जिसके कारण आवेदिका एवं उसका पूरा परिवार काफी डरा एवं सहमा हुआ है। आवेदिका ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग की है। हालांकि मामला संवेदनशील है और आरोप संबंधित विभाग के अधिकारी पर है तो न्याय के साथ निष्पक्ष जांच की उम्मीद कम ही दिखती है।

