Karwa Chauth 2022 : करवाचौथ पर शुक्र है अस्त, ये महिलाएं ना करें व्रत…

www.khabarwala.news

schedule
2022-10-10 | 13:52h
update
2022-10-10 | 13:52h
person
khabarwala.news
domain
khabarwala.news
Karwa Chauth 2022 : करवाचौथ पर शुक्र है अस्त, ये महिलाएं ना करें व्रत…

raipur@khabarwala.news

Karwa Chauth 2022 : करवाचौथ पर नवविवाहित महिलाएं इस साल व्रत ना करें यहीं नहीं जो महिलाएं व्रत का उद्यापन करवाना चाहती हैं तो वो भी शुभ नहीं है.

ज्योतिष शास्त्र में हर साल के कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाया जाता है.

Advertisement

हालांकि व्रत करना या नहीं करना आपका खुद का निर्णय है और आप इसके लिए किसी ज्योतिष से भी संपर्क कर सकती हैं. वैसे जो भी महिलाएं इस बार करवाचौथ का व्रत कर रही है, उनके लिए शुभ विशेष योग इस बार बन रहे हैं.

शुभ मुहूर्त

चतुर्थी तिथि आरंभ-13 अक्तूबर 2022 को सुबह 01 बजकर 59 मिनट पर

चतुर्थी तिथि का समापन- 14 अक्तूबर 2022 को सुबह 03 बजकर 08 मिनट पर

पूजा का शुभ मुहूर्त

13 अक्तूबर को शाम 06 बजकर 01 मिनट लेकर शाम 07 बजकर 15 मिनट तक

चतुर्थी तिथि आरंभ-13 अक्तूबर 2022 को सुबह 01 बजकर 59 मिनट पर

चतुर्थी तिथि का समापन- 14 अक्तूबर 2022 को सुबह 03 बजकर 08 मिनट पर

पूजा का शुभ मुहूर्त

13 अक्तूबर को शाम 06 बजकर 01 मिनट लेकर शाम 07 बजकर 15 मिनट तक

अमृतकाल मुहूर्त- शाम 04 बजकर 08 मिनट से शाम 05 बजकर 50 मिनट तक

अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 21 मिनट से दोपहर 12 बजकर 07 मिनट तककरवा चौथ पर चंद्रोदय

13 अक्तूबर को रात 08 बजकर 19 मिनट पर

करवा चौथ का उद्यापन

विवाहिता एक बार उद्यापन कर लें तो फिर उसके बाद के सालों में वो व्रत के दौरान एक बार पानी या चाय पी सकती है या फिर व्रत बंद भी कर सकती है.

कैसे करें उद्यापन

करवा चौथ के व्रत का उद्यापन करवा चौथ के दिन ही करना चाहिए जिसके लिए 13 महिलाओं को 13 सुपारी देकर भोजन कराये जो व्रत में हो. ये महिलाएं करवा चौथ का व्रत, पूजन और व्रत का पारण आपके घर ही करें. भोजन में लहसुन का प्रयोग ना करें.

नवविवाहिता अपने पति की सलामती के लिए करवा चौथ के व्रत की शुरुआत करती है. एक बार शुरू किया गया करवा चौथ का व्रत पति के जीवित रहने तक करना होता है. करवा चौथ का व्रत निर्जल और निराहार रहकर करना पड़ता है, लेकिन जिंदगी में विभिन्न कारणों से ऐसी स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है. जब पत्नी के लिए निर्जल व्रत रख पाना मुश्किल होता है, जबकि वह व्रत नहीं छोड़ना चाहती.

 

 

Advertisement

Imprint
Responsible for the content:
khabarwala.news
Privacy & Terms of Use:
khabarwala.news
Mobile website via:
WordPress AMP Plugin
Last AMPHTML update:
19.05.2026 - 23:44:46
Privacy-Data & cookie usage: