कृषि मंत्री द्वारा गौठान मेला सह कृषक संगोष्ठी के अंतर्गत केला तना रेशा उत्पादन इकाई एवं दाल प्रसंस्करण इकाई का लोकार्पण…

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कृषि मंत्री द्वारा गौठान मेला सह कृषक संगोष्ठी के अंतर्गत केला तना रेशा उत्पादन इकाई एवं दाल प्रसंस्करण इकाई का लोकार्पण…

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बेमेतरा 22 फरवरी 2022:गौठान मेला सह कृषक संगोष्ठी एवं केला तना रेशा उत्पादन इकाई गौठान ग्राम, राखी व दाल प्रसंस्करण इकाई गौठान ग्राम, भैसामुड़ा का लोकार्पण कल श्री रविन्द्र चौबे मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, कृषि विकास एवं कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, पशुधन विकास, मछलीपालन के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ. एस.एस.सेंगर कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर (छ.ग.), डॉ. आर.के.बाजपेयी, निदेशक विस्तार सेवायें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर (छ.ग.), श्रीमती लीना कमलेश मंडावी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बेमेतरा, श्री दिनेश वर्मा अध्यक्ष जनपद पंचायत-साजा, श्रीमती जानकी प्रहलाद वर्मा सरपंच ग्राम पंचायत महीदही (भैंसामुड़ा), श्रीमती ईश्वरी चौबे सरपंच ग्राम पंचायत, राखी, श्री प्रकाश चौबे पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत राखी, गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, कर्मचारीगण, सम्माननीय कृषक बंधु एवं महिलागण तथा मिडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

डॉ. रंजीत सिंह राजपूत, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र, बेमेतरा ने बताया कि जिला-बेमेतरा में केले की खेती 1029 हेक्टेयर में की जा रही है। केला कटाई उपरांत केला तना का उपयोग केला रेशा, केला जल एवं केला पल्प निष्कासन हेतु गौठान ग्राम राखी की दो महिला स्वसहायता समूह को जोड़कर एक फार्मर्स इंकम ग्रुप का निर्माण किसान उत्पादक संगठन-उन्नति किसान उत्पादक सहकारी समिति, मार्यादित साजा के द्वारा केवीके के तकनिकी मार्गदर्षन में किया गया है। उन्नति किसान उत्पादक सहकारी समिति, मार्यादित साजा के द्वारा महिला एफआईजी को रूपये 5 लाख की परिचक्रीय राशि प्रदान की जा रही है। केला तना की निरंतर पूर्ति किसान उत्पादक संगठन द्वारा केला उत्पादक कृषकों से संपर्क कर करायी जा रही है। केला तना रेशा प्रतिदिन 50-60 कि.ग्रा. निकाला जा सकता है, साथ ही साथ 1000 लिटर केला तना जल एवं 50-60 कि.ग्रा. केला पल्प निकाला जा सकता है। केला तना रेशा की आपूर्ति खादी ग्रामोद्योग, हथकर्घा विभाग, बुनकर समिति, गुजरात, पश्चिम बंगाल एवं अन्य राज्यों की विभिन्न कम्पनियों को किया जायेगा।

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गुजरात की एक कंपनी अल्ट मेट प्रा.लि. के द्वारा केला तना रेशा के नमूने की गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर का सर्वश्रेष्ठ केला तना रेशा बताया गया है। आशा है कि शीघ्र ही केला तना रेशा आपूर्ति के लिए अल्टमेट प्रा.लि. का करार हो जाएगा।

 

डॉ. जितेन्द्र कुमार जोशी, विषय वस्तु विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केन्द्र, बेमेतरा के द्वारा बताया गया कि उच्च गुणवत्ता का केला तना जल उर्वरक एवं केला तना रेशा से हैण्ड मेड पेपर बनाने का कार्य शीघ्र ही जिला प्रशासन बेमेतरा के सहयोग से प्रारंभ किया जा रहा है। हेड मेड पेपर मशीन द्वारा फाईल कवर, कैलेण्डर, डायरी, विजिटिंग कार्ड, शादी कार्ड, सामान्य पेपर इत्यादि बनाने का कार्य किया जायेगा। केला जल से उच्च गुणवत्ता का तरल उर्वरक के निर्माण हेतु पेटेन्ट के लाईसेन्स के लिए नवसारी एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी से अनुबंध की प्रक्रिया जारी है। स्थापित केला तना रेशा उत्पादन इकाई से प्रतिमाह अनुमानित एक से डेढ़ लाख का शुद्ध आय प्राप्त किया जा सकेगा। केला तना रेशा उत्पादन इकाई से 10 से 12 महिलाओं एवं युवाओं को वर्षभर रोेजगार प्राप्त होगा।

 

श्री तोषण कुमार ठाकुर, विषय वस्तु विषेषज्ञ, कृषि विज्ञान केन्द्र, बेमेतरा ने बताया कि जिला-बेमतरा में लगभग 4000 हेक्टेयर अरहर, 65000 हेक्टेयर चना, 3000 हेक्टेयर मसूर एवं 25,000 हेक्टेयर तिवड़ा की खेती होती है। कृषि विज्ञान केन्द्र, बेमेतरा द्वारा जिला प्रशासन के वित्तीय सहयोग से दाल प्रसंस्करण इकाई की स्थापना गौठान ग्राम महीदही (भैंसामुड़ा) में की गई है। दाल मिल की क्षमता 10-15 क्विंटल प्रतिदिन की है। उन्नति कृषक उत्पादक सहकारी समिति, मर्यादित साजा (किसान उत्पादक संगठन), के कृषकों के माध्यम से अरहर, चना, मसूर, तिवड़ा का संग्रहण कर दाल निष्कासन कार्य किया जा रहा है। अभी तक किसान उत्पादक संगठन द्वारा 20 क्ंिवटल दाल की आपूर्ति विभिन्न सरकारी संस्थाओं जैसे-उप जेल बेमेतरा, आंगनबाड़ी एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी, साजा को की गई है।

 

प्रतिमाह 250-300 क्विंटल दाल जिला प्रशासन, बेमेतरा के मार्गदर्शन में मध्यान्ह भोजन में आपूर्ति किए जाने की कार्ययोजना है। दाल प्रसंस्करण के साथ चुनी एवं भूसी भी पशुपालक कृषकों को उचित दर पर प्रदाय किया जा रहा है।

 

दाल प्रसंस्करण इकाई से प्रतिमहा 200-250 क्विंटल दाल का उत्पादन किया जायेगा। दाल प्रसंस्करण इकाई में इस कार्य हेतु 5 से 6 युवाओं को वर्षभर रोजगार प्राप्त होगा साथ ही साथ दाल विक्रय कर एफपीओ को प्रतिमाह 1.5 से 2 लाख रूपये की शुद्ध आमदनी प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त साजा के दलहन उत्पादक कृषकों को उनके साबूत दाल हेतु उचित दर पर स्थायी बाजार उपलब्ध होगा। उन्नति कृषक उत्पादक सहकारी समिति, मर्यादित साजा में वर्तमान के 300 से अधिक पंजीकृत कृषक सदस्य है। लोकार्पण कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, बेमेतरा के डॉ. एकता ताम्रकार, डॉ. हेमन्त साहू, श्री शिवकुमार सिन्हा, श्री पलाश चौबे, श्री पंचूराम यादव, श्री स्पर्श पटेल, श्री राजेश पाठक, श्री कमलेश्वर बघेल, श्री मिलाप वर्मा, श्री दिलीप पाठक एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

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